तुझे खुदा से माँगा...
अमल से भी माँगा वफ़ा से भी माँगा,तुझे मैंने तेरी रज़ा से भी माँगा,
न कुछ हो सका तो दुआ से भी माँगा,
कसम है खुदा की खुदा से भी माँगा।
तड़पे हैं सारी रात...
अजब मुकाम से गुजरा है रास्ता दिल का,न आज की खबर है न पता है कल का,
बेनूर सी आँखों में उनकी हसरत के सिवा,
और क्या मानी है इश्क के हासिल का,
तड़पे हैं सारी रात तेरी यादों के साए में,
वक़्त हमने भी गुजारा है वो मुश्किल का,
कोई ख्वाब भी देखें तो किस तरह देखें,
याद फिर आ गया है बिखरना दिल का।
ग़म का फसाना है...
शिकायत क्या करूँ दोनों तरफ ग़म का फसाना है,मेरे आगे मोहब्बत है तेरे आगे ज़माना है,
पुकारा है तुझे मंजिल ने लेकिन मैं कहाँ जाऊं,
बिछड़ कर तेरी दुनिया से कहाँ मेरा ठिकाना है।
रुख पर निगाह...
अपने रुख पर निगाह करने दोखूबसूरत गुनाह करने दो,
रुख से पर्दा हटाओ ऐ जाने-हया
आज दिल को तबाह करने दो।
फैसले उसके...
चमन में जो भी थे नाफ़िज़ उसूल उसके थे,तमाम काँटे हमारे थे और फूल उसके थे,
मैं इल्तेज़ा भी करता तो किस तरह करता,
शहर में फैसले सबको कबूल उसके थे।